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Best hand painted home decor items of the year.

Due to lock down many of us started their own business.RoMi Handicrafts laid their first stone in September 2020.

RoMi handicrafts offer ingenious handpainted decorative items, lamps and lighting in the Indian market.

Be it the creation of art or building customer relationship, unswerving loyalty is my virtue.

Somoshree Bhattacharyya

Within a short span, it received humongous love and support from all over the country.

RoMi Handicrafts products are used for:

  • Interiors
  • Home decor
  • Wedding decorations
  • Party and function decoration
  • Return & corporate gifts
  • Gifting purpose &
  • Many more…

Let’s have a look over the handicraft items that you can easily purchase online to decorate your beautiful interiors.

All products are unique and converted from traditional, waste and antique products for today’s elegant, classy and glorious makeover.

1. Handpainted antique lanterns electric lamps.

The incarnation of the old iron lantern/ laltein/ hurricane into the handpainted electric lantern lamp. You can light up your place with the handpainted iron lantern which comes with an electric bulb. The paintings on the glass of the lantern make it more beautiful and vibrant.

Purpose: Hospitality industries interiors, home interiors, organic and vintage style interiors, giftings, corporate and return gifts, wedding and party decorations.

Art: Pakistani truck art, contemporary design, mandala dot art.

Completely handpainted with different types of acrylic and pearl colours.

2. Handpainted Bottle lamps

India has now started to decorate their space, occasion and homes with handpainted bottle lamps.

You can decorate and cultivate a star-studded romantic ambience to your home, garden, resorts, restaurants or even you can use them for party and wedding decorations.

These products are always in huge demand for gifting purposes and a wedding return gifts and corporate gifting.

3. Hand Painted Wooden trays

An enchanting serving handpainted trays with creative designs that make a statement on your presentation. It adds a dash of style to your interiors and kitchen decor.

You can use them as dresser trays, serving trays, decoration and gifting purpose.

4. Handpainted bed sheets

These bedsheets will lighten up your room with its charisma, magnetism and creativity.

You can simply book online or contact RoMi Handicrafts and they will provide you with freshly painted bedsheets with love and care.

5. Wall decor paintings

Upgrade your home makeover with real handpainted home decor items on wooden boards, frames and canvas boards.

Different kind of paintings offered by RoMi Handicrafts will make your living room, dining room and bedroom more graceful and attractive.

Founder & Maker:

Somoshree Bhattacharyya is the Founder and Maker of all the products manufactured by RoMi Handicrafts.

Her creative mind and blessed hands launched her painted products in the market online, soon it was adored and admired by all.

Handicrafts are the second-largest source of employment after agriculture in India.

RoMi handicrafts have the goal and vision of growing and bringing more talented young creative painters under one umbrella to make your home and life beautiful.

Entrepreneurship requires a lot of forbearance and patience. Middle-class families don’t understand the concept of business as a profession. If we see the positive side of Covid-19 it gave us new aspirations and courage to fulfil their dreams.

Somoshree Bhattacharyya

RoMi Handicrafts:
Catalogue link: https://mydukaan.io/home1188

Facebook page: https://www.facebook.com/romihandicrafts/

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RoMi Handicrafts

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🔸Wedoogle

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ससुराल कि देहलीज में पहले कदम

हर लड़की की तरह नेहा के भी अपनी शादी और ससुराल को लेके बचपन से ही काफी सपने थे और आज पहली बार वो अपने ससुराल में कदम रख रही थी।

नेहा के पति ऋषि का भरा पूरा परिवार है 5 भाई बहन और बहुत से रिश्तेदार सब एक साथ रहते है वहीं नेहा मां पिता के प्यार में पली बढ़ी इकलौती संतान होने के नाते उसने कभी अपने घर पे इतने लोग देखे नहीं थे। उसने सोचा कि शायद उसे भाई बहन का भी प्यार मिल जाएगा।

ऋषि से नेहा ने अपने माता – पिता के इक्षा के विरुद्ध जा के शादी की थी उसकी मां ने बार बार समझाया था कि जिस घर को वो चुन रही है वहां जिम्मेदारी और रूढ़िवादी परंपराओं के अलावा कुछ नहीं है पर नेहा को समझ नई आया।

अपने ससुराल में घुसते ही सबने उसे बताया कि यहां घर के पुरुषों के सामने घूंघट ओढ़ कर चलना होता है और उनसे दूरी भी बना के रखना होता है। उसने कभी अपने घर में बचपन में अपने दादी को ऐसे घूंघट ओढ़े देखा था पर समय के साथ ये परंपरा चली गई थी।

ससुराल में आके उसे पता चला कि उसका कोई अपना कमरा तक नहीं है। पति से दूर हर रात दूसरी औरतों के साथ सो सो के परेशान होने लगी। उसे समझ में आने लगा कि उसकी मां कितनी दूरदर्शी और सही थी। बहू को ससुराल में घुसते ही मिलने लगा जिम्मेदारियों का ज्ञान पर एक नई बहू के सुख और सुभिधा का किसी ने नहीं सोचा।

कभी नेहा के घूंघट नहीं ओढ़ने पे पीठ पीछे बुराई होने लगी तो कभी कोई हर बात पे उसके पति से जा के शिकायत लगाने लगा। जिनके खुद के घर नहीं बसे और जो अपने ससुराल में पैर पटक के आयी वो सभी औरतें भी नेहा को अपनी अच्छाई के प्रमाण पत्र, ज्ञान और ताने देते नजर आए।

सबने बताया कि उसका ये ससुराल बहुत अच्छा है और ज्यादा पाबंदी भी नहीं पर नेहा तो शायद दूसरे ग्रह से है जहां के लोग इज्जत देते है, बहू कि सुख सूभिधा का ध्यान रखते है, जहां बहू को लक्ष्मी माना जाता है।

नेहा को यहां कई चेहरे दिखे, बिन पैदी के लोटे दिखे जो की एक जगह से सुनके दूसरी जगह लुढ़कते रहते, पंचायत करने वाले,अपनी सुभीधा देखने वाले, दूसरो पे आरोप लगाने वाले और सबसे बढ़ी बात पूरा घर एक दूसरे पे कीचड़ उछालने में लगा रहता और फिर उसी कीचड़ में एक साथ गले मिला के रहते थे।

इन सब के बीच बस एक चीज अच्छी थी नेहा के लिए वो है ऋषि।

उसे एक समझदार और अच्छा पति मिला था पर क्या नेहा इतनी सारी घर कि जिम्मेदारी उठा पाएगी?

क्या नेहा को चुपचाप सुनना चाहिए?

क्या ये कोलाहल वाला ससुराल नेहा के दांपत्य जीवन को प्रभावित करेगा?

अपने विचार व्यक्त करें।

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Former president of India dies.

India lost a great politician and former president today.

During his five decades-long spans of serving politics and was a senior leader of Indian National Congress

He passed away at the age of 85 after a brain clot surgery.

While the nation is mourning, I have gotten aback by the post.

I am simply trying to understand the meaning of the post.

Why did she mention “Allah is great” ?

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Anushka and Virat are going to have a baby: Look how fans reacted.

After so many bad things happening this announcement brought a smile whereas a few sick-minded people have started trolling the unborn child.

What was more interesting is that Sushant’s fans requesting his name for the baby. Have a look:

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बोलने की स्वतंत्रता: क्या हमें इसे बदलने की आवश्यकता है?

हाल ही में मैंने एक मुस्लिम लड़की का वीडियो देखा, जिसने भारत की देवी और देवी को बुरा-भला कहा और यह इस वीडियो के बारे में नहीं है कि हम हर रोज लोगों को बुरी बातें कहते और सांप्रदायिकता को बढ़ाते हुए पाते हैं।

अनुच्छेद 19 के अनुसार, प्रत्येक नागरिक बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार है और भाव व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन उचित प्रतिबंधों के अधीन संरक्षण के अंतर शालीनता और नैतिकता को बरकरार रखते हुए है।

अनुच्छेद 28 किसी भी शैक्षणिक संस्थान में किसी भी धार्मिक निर्देश को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करता है, जिसे राज्य निधियों से बाहर रखा जाता है।

लेकिन क्या हम इसका सख्ती से पालन कर रहे हैं?

भारत में राजनीतिक प्रवचन ने हमेशा से ही आमंत्रित किया है सांप्रदायिकता पर बहस, नफरत और हिंसा को और बहुत से लोग इसपे घी डालते रहे है।

अक्सर हम देखते हैं कि लोग अधिकारों का दुरुपयोग करते हैं, हर रोज हम उन पोस्टों और टिप्पणियों पर ध्यान देंगे जहां हिंदू और मुसलमान एक-दूसरे को गाली दे रहे हैं।

एक तरफ, ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है जो सांप्रदायिक वायरस फैला रहे हैं लेकिन हर रोज ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग पनप रहे है।

इस तरह के सांप्रदायिक वायरस फैलाने में सोशल मीडिया का बड़ा योगदान है, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स पर केवल एक वीडियो बनाकर और संवेदनशील पोस्ट कर देते है सिर्फ केवल रातों-रात वायरल और प्रसिद्ध होने के लिए लेकिन उनके इरादे इतने खतरनाक हैं कि वे शांति और सद्भाव को खतरे में डालते हैं ।

भारत फेसबुक के लिए सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन एक खतरा भी है क्योंकि आए दिन फेक न्यूज, पोस्ट्स शेअर होते रहते है। भारत सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी कंपनियों को उनके प्लेटफार्मों पर दिखाई देने वाली सामग्री के लिए जवाबदेह रखने का प्रयास है – ऐसी सामग्री जो भ्रामक हो सकती है, भ्रम पैदा कर सकती है और यहां तक कि टी का नेतृत्व भी किया है।

हमें प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है और कानून को और सख्त होना चाहिए ताकि लोग उन विचारों को व्यक्त करने से पहले हजार बार सोचें जो अन्य भावनाओं को चोट पहुंचा सकते हैं।

केवल एक सामान्य नागरिक के रूप से आइए हम अपने बारे में और अपने मन में घृणा की मात्रा के बारे में सोचें। कई राज्य दूसरे राज्य के लोगों से नफरत करते हैं, कई लोग प्रवासियों से नफरत करते हैं, हमारी जाति व्यवस्था आज भी कायम है।

हमारे घरों में ससुराल वाले अपनी बहू से घृणा करते हैं हमें लगता है कि ससुराल वालों को दुर्व्यवहार करने का अधिकार है। हम बस यह कहते हुए इस सब को अनदेखा कर देते हैं कि यह सामान्य है।

हम अब चीन से नफरत करते हैं, हम कहते हैं कि चीन एक साम्यवादी देश है लेकिन चीन में कोई भी इस तरह की मूर्खता करने की हिम्मत नहीं करता है। उनका कानून इतना सख्त है कि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से ऐसा लिखने या बोलने की हिम्मत नहीं करेगा।

मेरा अनुरोध है कि हमें अपनी शक्तियों और स्वतंत्रता का बुद्धिमानी से उपयोग करना चाहिए। हमने सिर्फ एक उदाहरण देखा कि कैसे हम नागरिकों ने सरकार को सुशांत के मामले को गंभीरता से लेने के लिए मजबूर किया अब मैं चाहती हूं कि बुद्धिजीवी लोग उठकर आगे आये और नफरत को रोकें।

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#CBITakes Over: Trending on Twitter after the approval of Sushant’s case.

Today is not just a normal day its the victory of the entire nation and a big win for justice, faith, democracy and hope.

Now, CBI is going to hold a dummy test at the crime scene. This is certainly a moment of joy also grief at the same time because we lost a beautiful soul.

Most of us weren’t a big fan of Sushant Singh Rajput but when we heard of his demise we were in shock. The mystery of his suicide and when we started to know more about him it left us all off in grief.

I remember a conversation with my friend, where I claimed that it’s not just a suicide as the person drank juice and did party last night she said that it’s difficult to figure out what goes in people’s mind.

From the stories of his depression to nepotism, his case took so sharp turns. While we understood shortly that “nepotism tool” is just being used to divert the attention of people. Finally, we have won, however, let’s have a look at the reactions:


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Pandit Jasraj passes away- Another loss in 2020

The Indian vocalist Pandit Jasraj passes away at the age of 90.

Pandit Jasraj was born on 28 January 1930 in Haryana. He belonged from Mewati Gharana.

He travelled to various parts to learn music.

In 1946, Jasraj started singing classical music for Calcutta radio.

He won multiple awards and honours along with the Padma Shri and Padma Bhushan.

He died today, i.e. on 17th August 2020 at 5:15 pm due to cardiac arrest in New Jersey, USA.

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Annabelle Doll is knocking at your door: The doll escaped or not- Fact Check

Are you living alone?

Are you afraid of ghosts?

Do you believe in supernatural powers?

I think each of us knows about Annabelle doll and watched all movies featuring the doll.

On Friday, 14th August someone wrote on her Wikipedia page that Annabelle doll escaped on 14th August at 3 a.m.

Soon the report went viral as people did believe that every worse possible thing can happen in 2020.

Annabelle doll is a haunted and possessed doll which is kept in the Occult Museum.

The doll was gifted to a nurse in 1970. Soon it was found the doll was found behaving psychic and was inhabited by the spirit of a deceased girl named “Annabelle”.

However, the museum owner Tony Spera posted a video, on YouTube from his museum standing beside the doll breaking all the rumours.

He also did assure that even something like this if happens he will immediately know because of the hi-tech security.

https://youtu.be/6BEfZCH1nN8

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भारत को छोटी सोच से आज़ादी कब मिलेगी?

हमने कभी गुलामी को अनुभव नहीं किया क्योंकि हम आज़ाद भारत में पैदा हुए है पर पल पल एक गुलामी महसूस कि है जो समाज कि जटिल प्रक्रिया ने समझाया है।

जहां एक और हम सबको पता है कि आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है और हमारा देश उतार चढाव से आज भी जूझ रहा है।

एक तरफ जहां उभरते हुए एक कलाकार सुशांत सिंह राजपूत की मौत से सवाल उठते है निपोटिज्म पर तो दूसरी ओर हमारे न्याय व्यवस्था पर।

जहां राम मंदिर का निर्माण हुआ वहीं दूसरी ओर कहीं आग लगा दिया गया।

हम सभी जानते है कि देश करप्शन, गरीबी, सोशल इनिक्वालिटी, घरेलू हिंसा , असाक्षरता से पीड़ित हैं।

भारतीय समाज मुख्यतः पितृसत्तात्मक है पर ये केवल एक समस्या नई है में आज बात करना चाहती हूं हर घर में रोज होने वाली उन बातों को जिन्हें हम नजरंदाज कर देते है इसलिए कि हमें बात को बढावा नहीं देना ।

गलत ये नहीं है जब ये कहां जाए कि एक लड़की को ढंग के कपड़े पहने चाहिए पर कूटनीति और पाखंड तब होता है जब हम अपनी बेटी को बिकिनी पहनने कि भी अनुमति देते है और बहू को पल्लू करने बोलते है।

हमें ससुराल में कैसे रहना है इसकी सीख हम अपने बच्चों को देने से ज्यादा बहू को देना पसंद करते है।

माँ एक बहुत बड़ा शब्द होता है वो अपने बच्चे की हर संभव रक्षा करती है पर दूसरे घर से आई बेटी को अपमानित करती है और दूसरे घरवालों को भी बढ़ावा देती है वो गलत है साथ ही कहीं ना कहीं ये भी सच है कि एक औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन है।

2020 में जीने वाले हमलोग सोच के मामले में आज भी 18 वीं सदी में जी रहे है।

अब हमें लड़की ऐसी चाहिए जो पढ़ी लिखी, सुन्दर और अच्छे घर से हो पर उसी के साथ गूंगी और बहरी भी होनी चाहिए।

रुढ़िवादी आज भी कायम है। छोटे शहरों और गांवों में पर्दा प्रथा का आज भी प्रचलन है। दूसरे की कामिया निकालना तो एक आम बात है पर अपनी कमिया नहीं दिखती। कहते है कि कोई सही नहीं और गलत भी नहीं क्योंकि अपने आप को कभी कोई गलत मानता ही नहीं है।

दहेज कि प्रथा तो काफी आम है और जो लोग आजकल दहेज नहीं मांगते उम्मीद करते है कि शादी में बहुत अच्छे गिफ्ट्स मिले और बहुत अच्छी शादी हो ताकि सबको दिखा सके भले ही एक पिता इसके लिए अपनी सारी जमा पूंजी ही ना लगा दे।

आज भी हमारे समाज में इतनी कुरीतियों और अन्धविश्वास को जगह मिली है कि लोग जादू टोना जैसी चीजों पे विश्वास करते है। नींबू मिर्च लगाना हो या फिर बिल्ली का रास्ता काटना हम सब मानते आए हैं।

जिस देश में देवी की पूजा होती है वहां पुजारिन काम दिखते है। लक्ष्मी घरेलू हिंसा कि शिकार है तो सरस्वती को पढ़ने नहीं दिया जाता। कितने घरों में आज भी औरतों का काम पे जाना गलत माना जाता है। आए दिन न्यूज में छोटे बच्चो के साथ हुए रेप की घटनाओं को पढ़ते है।

ऐसे बहुत से मुद्दे है जिनसे हमें आजादी आज तक नहीं मिली है मैंने तो संक्षेप में अपनी बात रखी हैं।

हमें कब सही मायनों में आज़ादी मिलेगी?

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August 5: An Historical Political day| Ram Mandir

Symbol of fate, victory or controversies and disputes..

Ram Janmabhoomi or Lord Ram’s birthplace is believed to be in Ayodhya from the epic Ramayana. Lord Rama is not only our Hindu God, believed to be the seventh avatar of Lord Vishnu but his name is constantly taken for the religious perspective in the political world. Very few people know that Ayodhya was the capital of Kosala in Buddhist time ( 5th – 6th BCE)

History of Ram Janmabhoomi:

I will mention in crux about the history of this sacred place as we all know about it since our childhood.

In 1528, the then Mughal emperor Babar built a mosque in this disputed land. It is claimed that there was a Hindu temple of Lord Rama so the Mughals demolished it. History had it that many temples were demolished by many foreign rulers who ruled our country.

In 1853, some people claimed that the Babri Masjid stands on the exact place of Lord Ram’s birthplace. That led to several riots and Britishers played the divide and rule policy very well then. Later, a decision was taken that the Muslims will pray inside the mosque and Hindus will worship outside the same.

After Independence, in 1949 idols of Lord Rama were found in the mosque. On which, Hindus claimed that Lord Rama manifested, on the contrary, Muslims blamed that someone kept the idols intentionally a day before. The government then sealed the disputed place to avoid unrests, riots and violence.

West Bengal governor celebrated 5th August

On 6th December 1992, supporters and political activists of BJP, shivsena and other Hindu political organisations destroyed the disputed building in the rally which resulted in several riots. Time to time, India has witnessed violence and turmoil regarding the land.

On 9th November 2019, the Supreme Court announced the verdict stating that the land belongs to the Government based on the taxes records and ordered to build a Hindu temple.

Then came August 5, 2020, which embarks as one of the most important dates in Indian political history of the BJP RSS ideological agenda.

Many of us support the Modi government, some oppose and there are a few who are neutral but being a Hindu I am very much pleased that this is a great decision taken by the government, not just because of political reasons but also it’s how you save Hinduism, 100-200 years from now people will remember this history and the temple.

Modi government has played some masterstrokes like the changes in Jammu and Kashmir as well.

Transitions and Evolution of India

28 years ago when the mosque was brought down, most of them never even thought about a temple would be built, many said it’s injustice, other institutions claimed to rebuild a mosque and punish those were involved in breaking it down.

Today, if we see, no one has opposed it, not even the opposition parties, secularists and in fact everyone has welcomed the decision. Even a few of my Muslim friends are also pleased with the reincarnation of the temple wholeheartedly.

The only opposition leader who has opposed the decision of the Supreme Court to construct a temple is AIMIM chief Asaduddin Owaisi. However, apart from that we found the entire nation to be united for the national project.

However, a post went viral claiming that Kerala government imposed a blackout barring the locals to watch the live telecast of Bhoomi pujan Ceremony.

I did check her account, she is quite active on social media and tweets almost every hour. She has, however, claimed West Bengal is also facing the same issue.

As I have mentioned several times in my blogs that we have an enormous and vast abundance of keyboard warriors who simply post anything just to get views and likes. Media houses later found the post to be misleading.

So has Ram Mandir polarized national politics and are we heading towards a communist government or dictatorship?

Because we are a Democratic country we know that politics cannot just be polarized.

Social distancing was violated

The question that arises in my mind, are we going to worship Modi as God?

Because he already has a huge fan base, many out of those are willing to worship him.

The downfall of Congress party because of the cell less torchbearer somehow makes us realise the hollowness and absence of a strong opposition party.

Genuine democracies do not have party-less democracies and genuine democracies do not have an ideology-less democracy.

Shekhar Gupta

Nevertheless, I came across an article, the headline just grabbed my eyeball:

At Ayodhya Bhoomi Pujan, Modi Became All-in-One; Proper Rituals Not Followed, Allege Pundits

The Wire

The article claimed that a prime minister can attend such type of ceremony as a chief guest, while the rituals should have been followed by the religious administrators.

Shankaracharya’s were absent during the pooja. We all know India is now governed by one man. It’s not a team, party or group anymore. He takes his own decision and we are his followers.

Personally, I didn’t like this picture.

Are we blind followers?

Nevertheless, the entire world celebrated the D-Day, even temples all across the US organised special events.

I am just a normal Indian citizen, I don’t support any political party as such, neither I am secular. I am simply a neutral person who simply observes the changes and behaviour within the society.

I simply raised a few questions and I would love it if you can share your views on the same.

Source:

https://en.m.wikipedia.org/wiki/Ayodhya_dispute

https://www.britannica.com/place/Ayodhya

https://www.indiatoday.in/amp/fact-check/story/fact-check-did-communist-government-in-kerala-impose-a-blackout-on-august-5-1708807-2020-08-07

https://www.indiatoday.in/amp/india/story/indian-americans-to-celebrate-ram-mandir-bhoomi-pujan-on-august-5-1707619-2020-08-04

https://www.google.com/amp/s/m.thewire.in/article/politics/ayodhya-bhoomi-pujan-narendra-modi-priests-pundits/amp